शीर्षक: ₹10-13 में क्या होगा? पैन कार्ड एजेंट की रोज़ी-रोटी का सवाल
सामग्री:
“हम सरकार का काम करते हैं, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं!”
पैन कार्ड – हर भारतीय के लिए जरूरी दस्तावेज़। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो एजेंट आपका पैन कार्ड बनवाता है, उसे मिलता क्या है?
कमीशन की हकीकत:
नया पैन कार्ड: ₹10-13 कमीशन करेक्शन/अपडेट: ₹10-13 कमीशन
सुनने में तो ठीक लगता है, लेकिन असली खर्च देखिए:
एक पैन कार्ड बनाने में वास्तविक खर्च:
1. कागज़ और प्रिंटिंग:
- फॉर्म प्रिंट: ₹15-20 एक ऑफ लाइन फॉर्म 2 पेज ऑनलाइन फॉर्म 1 पेज
- कुल: ₹15-20
2. कोरियर चार्ज:
- NSDL/UTI को डॉक्यूमेंट भेजना: ₹10-15
- कुल: ₹10-15
3. इंटरनेट और बिजली:
- फॉर्म भरने में समय: 15-20 मिनट
- इंटरनेट खर्च (प्रति एप्लिकेशन): ₹5-10
- बिजली: ₹3-5
- कुल: ₹8-15
4. दुकान का खर्च (मासिक को दैनिक में बांटें):
- किराया: ₹5,000-15,000 (मान लें ₹8,000)
- बिजली बिल: ₹1,500-3,000
- इंटरनेट: ₹800-1,500
- कंप्यूटर/प्रिंटर रखरखाव: ₹1,000-2,000
- कुल मासिक: औसतन ₹12,000
- प्रति दिन (26 कार्य दिवस): ₹461
- अगर दिन में 10 पैन बनें तो प्रति पैन: ₹46
5. स्टेशनरी और अन्य:
- फाइल, पेन, स्टेपलर, आदि: ₹5-10 प्रति एप्लिकेशन
कुल खर्च का हिसाब:
सीधा खर्च (प्रति पैन):
- कागज़/प्रिंट: ₹20
- कोरियर: ₹10
- इंटरनेट/बिजली: ₹10
- स्टेशनरी: ₹10
- कुल: ₹50
अप्रत्यक्ष खर्च (प्रति पैन):
- दुकान खर्च: ₹46
कुल मिलाकर खर्च: ₹96 प्रति पैन कार्ड
कमीशन मिलता है: ₹10-13
घाटा: ₹80-83 प्रति पैन कार्ड!
असली समस्या:
1. कोरियर का बोझ:
कोरियर चार्ज सबसे बड़ी समस्या है। ₹10 कमीशन में ₹10 का कोरियर कैसे करें?
वास्तविकता:
1. ग्राहक की शिकायत:
- पैन कार्ड में देरी हो तो एजेंट को ही दोष
- NSDL/UTI की गलती भी एजेंट के सिर
2. टेक्निकल समस्याएं:
- पोर्टल बार-बार डाउन
- एप्लिकेशन सबमिट नहीं होता
- लेकिन ग्राहक तो काम चाहता है
3. कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं:
- न PF, न ESI
- न पेंशन, न बीमा
- बीमार पड़ें तो कमाई बंद
हमारी मांगें:
1. कमीशन में वृद्धि:
- नया पैन कार्ड: ₹100-150 (अभी ₹10-13)
- करेक्शन/अपडेट: ₹100-150 (अभी ₹10-13)
2. कोरियर शुल्क अलग से:
- कोरियर खर्च एजेंट को अलग से मिलना चाहिए
- सरकार या कंपनी खुद कोरियर की व्यवस्था करे
3. तकनीकी सहायता:
- पोर्टल डाउन हो तो तुरंत सपोर्ट
- हेल्पलाइन पर जवाब मिले
4. सामाजिक सुरक्षा:
- PF और बीमा की सुविधा
- पेंशन योजना
- स्वास्थ्य बीमा
5. मान्यता और सम्मान:
- हम भी सरकारी कार्य में सहयोग कर रहे हैं
- सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए
खर्च का विस्तृत विवरण (मासिक):
अगर एक एजेंट महीने में 250 पैन एप्लिकेशन भरता है:
आय: 250 × ₹12 (औसत) = ₹3,000
खर्च:
- प्रिंटिंग/कागज़: 250 × ₹20 = ₹5,000
- कोरियर: 250 × ₹10 = ₹2500
- दुकान किराया: ₹8,000
- बिजली: ₹2,000
- इंटरनेट: ₹1,000
- स्टेशनरी: ₹2,000
- अन्य: ₹2,000 कुल खर्च: ₹22,500
नुकसान ही नुकसान
